आदरणीय अभिभावकगण एवं प्रिय विद्यार्थियों, नवीन शिक्षा सत्र 2026–27 में आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु मंगलकामनाएँ। प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसे शैक्षणिक संस्थान की खोज में रहता है, जो उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण प्रदान करे तथा उन्हें उच्च आदर्शों, संस्कारों एवं सामाजिक मूल्यों से परिपूर्ण बनाए। जिले में बालिका शिक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा जिला मुख्यालय पर बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं पारिवारिक वातावरण में निवास की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षाविद् एवं समाजसेवी श्री सुखवीर सिंह बाटड़ के नेतृत्व में एक गैर-लाभकारी संस्थान की स्थापना 24 फरवरी 1986 को की गई। इसी के साथ बालिका छात्रावास सुविधा का शुभारम्भ हुआ। आज संस्थान अपनी सेवायात्रा के 40 वर्ष पूर्ण कर 41वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस गौरवपूर्ण यात्रा में संस्थान ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण संस्थानों की स्थापना की है। समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का भी शुभारम्भ किया गया, जिसमें अभिभावकों ने संस्थान की गुणवत्ता एवं मूल्यों पर अपना अटूट विश्वास बनाए रखा। वर्तमान में सीकर जिला शिक्षा नगरी के रूप में विकसित हो रहा है, जिसके चलते कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए भी छात्रावास सुविधा प्रारम्भ की गई है। संस्थान की छात्राओं ने शिक्षा एवं खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बोर्ड मेरिट एवं स्वर्ण पदक प्राप्त कर संस्थान एवं समाज को गौरवान्वित किया है। शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का मार्ग है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कार, आत्मीयता एवं आदर्शों के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना है। यद्यपि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप व्यवसायिक होता जा रहा है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। हमारा संस्थान पूर्णतः गैर-लाभकारी है और बालिकाओं के स्वावलंबन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास के लिए सतत प्रयासरत है, ताकि वे अपने जीवन में उच्चतम शिखरों को प्राप्त कर सकें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि बालिका शिक्षा के माध्यम से एक सशक्त एवं आदर्श समाज के निर्माण के इस अभियान में आपका सहयोग निरंतर प्राप्त होता रहेगा।